राजधानी में अगले माह के पहले सप्ताह से प्री मानसून शुरू होने की संभावना है। 20 जून तक मानसून प्रवेश कर जाएगा। लेकिन राजधानी में अभी तक मानसून में होने वाली नारकीय स्थिति से निपटने की कोई तैयारी नहीं दिख रही है। जबकि हर वर्ष मानसून में राजधानी के नाले-नालियां खतरनाक हो जाते हैं। पिछले वर्ष मानसून में हिन्दपीढ़ी के नाला रोड में पांच वर्षीय मासूम फलक की मौत नाले में बहने से हो गई थी। लालपुर की पीएनटी कॉलोनी में नाले में बहने के बाद डेढ़ वर्षीय मासूम को उसकी मां ने जान पर खेलकर बचाया था।
इसके बावजूद रांची नगर निगम ने खतरनाक नालियों को कवर नहीं कराया और बड़ी खुली हुई नाली में पक्का निर्माण भी नहीं कराया। पिछले वर्ष शहर के 53 वार्डों में करीब 110 छोटी-बड़ी नालियों और सड़कों का काम शुरू कराया गया, लेकिन पहले चुनाव और इस वर्ष कोरोना ने सभी कामों को रोक दिया। ऐसे में भास्कर रिपोर्टर ने दो दिनों तक शहर के उन स्पॉट का जायजा लिया, जहां प्रत्येक वर्ष खतरा बना रहता था। पड़ताल में आज भी स्थिति वैसी ही दिखी, जैसी पिछले वर्ष थी... अगर इन स्थानों पर नाली का निर्माण और खतरनाक नालियों को कवर नहीं कराया गया, तो इस वर्ष भी मानसून में स्थिति भयावह होगी।
यहां के नाले जानलेवा... काम नहीं हुआ तो बिगड़ेंगे हालात
लालपुर : लोअर वर्द्धमान कंपाउंड के पाहन कोचा में पिछले वर्ष डेढ़ वर्षीय मासूम अनिल नाले में बह गया था। नाले के किनारे घनी आबादी बसी हुई है। मानसून में नाले में पानी का अधिक वेग होने से बच्चों के साथ यह बड़ों के लिए भी खतरनाक हो जाता है। नाले के ऊपर पुल नहीं होने से लोग बिजली का पोल रखकर आना-जाना करते हैं। निगम ने न तो नाला बनवाया, न सुरक्षा का कोई प्रबंध किया।
इस्लाम नगर : इस्लामनगर में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के लिए हर साल मानसून परेशानी का सबब बनकर आता है। क्योंकि यहां बड़ा नाला है, जो मानसून में उफान पर आ जाता है। यहां नाले के किनारे ही प्लास्टिक तान कर सैकड़ों परिवार पिछले 9 वर्षों से रह रहे हैं। क्योंकि इस्लाम नगर को अतिक्रमण में उजाड़ दिया गया था। सरकार को यहां फ्लैट बनाकर बेघरों को देना था, लेकिन अब तक निर्माण अधूरा है।
मौलाना आजाद कॉलोनी : कांटाटोली में मौलाना आजाद कॉलोनी से गुजरा नाला खतरनाक है। एक दशक पहले मानसून में नाले में बहने से एक युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद नाले के ऊपर पुल बनाया गया, लेकिन नाले को किनारे से कवर नहीं किया गया। लोग आज भी भयभीत रहते हैं।
प्री मानसून से पहले 31 मई तक नाले-नालियों की कराएं सफाई
राज्य के नगर विकास सचिव विनय कुमार चौबे ने सभी नगर निकायों को अपने क्षेत्र में स्थित सभी नालों-नालियों की सफाई कराने का आदेश दिया है। उन्होंने रांची नगर निगम सहित सभी नगर निकायों से कहा है कि 31 मई तक शहर के सभी नाले-नालियों की सफाई कम से कम एक बार अवश्य हो जानी चाहिए। बरसात से पहले यह कार्य हर हाल में पूरा हो जाए, ताकि नालियां जाम नहीं हों।
इन क्षेत्रों में इस बार भी जल जमाव होना तय...
कांके रोड : कांके रोड में इस वर्ष भारी जलजमाव होगा। क्योंकि पिछले वर्ष रोड पर बिटुमिन की परत चढ़ाने के दौरान ड्रेनेज के सभी होल बंद कर दिए गए हैं। जगतपुरम कॉलोनी फिर डूबेगी।
मधुकम : मधुकम रोड नंबर पांच में इस वर्ष भी स्थिति बिगड़ेगी। क्योंकि नाली से पानी निकासी के लिए नाली के मुहाने का मिलान ही नहीं हुआ है। मधुकम रोड नंबर 10 तक का हाल यही है।
चुटिया : चुटिया मुख्य बाजार भी इस बार जलमग्न होगा। राम मंदिर से चुटिया मेन बाजार जाने वाले रूट में पिछले वर्ष नाले का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया है।
यमुना नगर : सुखदेव नगर थाना क्षेत्र स्थित यमुना नगर, गंगा नगर बेतरतीब बसे हैं। रोड-नाली नहीं थे। कुछ गलियों में नाली व रोड बने हैं, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है।
अपर बाजार : अपर बाजार में बड़ालाल स्ट्रीट, सेवा सदन रोड से टेलीफोन एक्सचेंज तक जल जमाव होगा। क्योंकि नगर निगम ने नाला अधूरा छोड़ दिया है।
कचहरी रोड : कचहरी रोड से सटी हलधर प्रेस गली, नउवा टोली में जल जमाव की स्थिति बनेगी। क्योंकि यहां व्यवस्थित तरीके से नाली का निर्माण नहीं किया गया है।
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