रांची से सोमवार को 7 उड़ानें शेड्यूल थीं, कंपनियों ने बिना सूचना तीन उड़ानें रद्द कर दीं...भटकते रहे यात्री
लॉकडाउन के 61वें दिन पूरे देश के साथ झारखंड भी सोमवार को उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार दिखा। राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से सोमवार को चार विमानों ने उड़ान भरी। इनमें दो विमान दिल्ली तथा एक बेंगलुरू व एक हैदराबाद का था। इन उड़ानों में कुल 799 लोगों ने आवागमन किया। हालांकि सोमवार को कुल 7 उड़ानें शेड्यूल की गई थीं, मगर विमानन कंपनियों ने 3 उड़ानें रद्द कर दीं। इंडिगो की रांची-मुंबई उड़ान तथा एयर एशिया व एयर इंडिया की दिल्ली की उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसकी वजह से कई यात्री परेशान होते रहे। विमानों के रद्द होने की दिक्कत पूरे देश में रही।
ज्यादातर राज्यों के सीमित उड़ानों की मंजूरी देने की वजह से 630 उड़ानें रद्द हो गईं। 1162 में से 532 ही फ्लाइट संचालित हुईं, जिनमें 39231 लोगों ने यात्रा की। सोमवार को आंध्र प्रदेश और प. बंगाल में उड़ानें शुरू नहीं हुईं। आंध्र में मंगलवार व प. बंगाल में 28 मई से उड़ानें शुरू होंगी। रांची से सबसे पहले सुबह 8:15 पर एयर एशिया की बेंगलुरू की उड़ान रवाना हुई। इसके बाद सुबह 11:15 पर इंडिगो की दिल्ली की फ्लाइट रवाना हुई।
विमान में हर यात्री फेस शील्ड लगाए हुए था, एंट्री के बाद पीपीई किट पहनी एयर होस्टेस ने पहले कोरोना से बचाव के उपाय बताए...फिर उड़ान के नियम
यह यात्रा मैं शायद ही कभी भूल पाऊं। मास्क लगाकर पायलट विमान उड़ा रहे थे, पीपीई किट पहनकर एयर हाेस्टेस अपनी सेवाएं दे रही थीं। विमान में एंट्री के समय ही हर यात्री को फेस शील्ड दिया गया था। जो फेस शील्ड नहीं पहन रहा था, वह भी मास्क जरूर पहने हुए था। पूरे विमान में एक प्रकार का खाैफ दिख रहा था। रांची से दिल्ली की यात्रा सवा दाे घंटे में पूरी हुई। प्लेन में पीपीई किट पहने एयरहाेस्टेस ने पहले काेराेना से बचाव के उपाय बताए, इसके बाद उड़ान के नियमाें की जानकारी दी।
न किसी ने पानी पिया, न टॉयलेट गया
एयर हाेस्टेस ने पानी दिया पर शायद ही किसी यात्री ने पानी पिया। मैं भी बाेतल बैग में रख घर ले आया। पहली बार देखा कि फ्लाइट के दौरान कोई टॉयलेट भी नहीं गया।
लैंडिंग के बाद एक बार में दो-दो यात्री उतरे
दिल्ली में लैंडिंग के बाद प्लेन से निकलने में भी वक्त लगा। स्टाफ एक बार में दो ही यात्रियों को प्लेन से उतार रहा था। उतरने के बाद भी एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की गई।
लोग बातचीत भी नहीं कर रहे थे : पहली बार लगा कि विमान में बैठने पर जाे एक स्वाभाविक खुशी या बच्चाें के चेहरे पर उत्साह दिखता था वह गायब था। यात्री बातचीत भी नहीं कर रहे थे। केवल बच्चाें की कुछ आवाजें आरही थीं।
क्या कोरोना काे पता है कि विमान में बैठे यात्रियों को संंक्रमित नहीं करना?
नई दिल्ली | विदेश में फंसे भारतीयाें काे वापस लाने वाली उड़ानाें में एअर इंडिया 10 दिन तक बीच की सीटों पर यात्री बैठा सकेगी। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए कि 10 दिन बाद बाॅम्बे हाईकोर्ट का आदेश मानते हुए बीच की सीट खाली रखनी होगी। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने ईद की छुट्टी के बावजूद केंद्र के आग्रह पर विशेष सुनवाई की। केंद्र की ओर से साॅलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सीटें बुक हाे चुकी हैं। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि आप कैसे कह सकते हैं कि बीच की सीटों पर यात्री बैठाने से संक्रमण नहीं फैलेगा? क्या कोरोना काे पता है कि उसे विमान मेंबैठे यात्रियों को संंक्रमित नहीं करना? सरकार को जनता के बजाय एअर इंडिया की सेहत की ज्यादा चिंता है। कोर्ट ने कहा कि वह बाॅम्बे हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप के पक्ष में नहीं है।
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