वेब कैमरे से जांचे बोर्डिंग पास, आई कार्ड; बॉडी टेम्प्रेचर सामान्य और आरोग्य सेतु ऐप होने पर ही मिली इंट्री

नितिन चौधरी, लाॅकडाउन के 62 दिन बाद यानी साेमवार से बिरसा मुंडा एयरपाेर्ट से विमान सेवा शुरू हुई। पहली फ्लाइट सुबह 8.10 बजे थी, पर 6 बजे ही एयरपाेर्ट के मेन इंट्री गेट पर पहुंचने के लिए ड़ेढ मीटर की दूरी पर खींचे गए सफेेद घेरे में यात्री खड़े हो गए। ऐसे घेरे की दो कतार थी। बेंगलुरू जाने वाले यात्री पहले से वेब चेकइन और टिकट का प्रिंट लेकर घेरे में खड़े थे। एयरपाेर्ट के बाहर ही एयरलाइंस कंपनी के कर्मी यात्रियाें का टिकट लेकर उन्हें बाेर्डिंग पास दे रहे थे। यात्री मेन गेट की ओर बढ़ने लगे ताे वहां खड़े एयरपाेर्टकर्मी ने उनके बैग काे सेनेटाइज किया। आगे बढ़ने पर शीशे के बाॅक्स से एक मेडिकलकर्मी ने थर्मल स्कैनर से यात्री का फीवर स्कैन किया। यात्री आगे बढ़े ताे वहां हैंड सेनिटाइज किया गया। मेन इंट्री गेट पर सीआईएसएफ के जवानों ने मेटल बाॅक्स पर खड़े हाेने के लिए कहा। वहां वेब कैमरा था। बाेर्डिंग पास और आधार कार्ड काे कैमरे के सामने रखने कहा। अंदर कंप्यूटर पर बैठे एक कर्मी ने बाेर्डिंग पास और आधार कार्ड मिलाने के बाद मोबाइल पर आराेग्य सेतु एप ऑन रहते देखा। इसके बाद उसके कहने पर यात्रियों को इंट्री दी गई। फिर यात्री सामान लेकर एयरपाेर्ट में प्रवेश किए।
चेकिंग के बाद फ्लाइट बाेर्डिंग एरिया में सीटिंग एरेजमेंट बदला, 3 चेयर पर सिर्फ दाे ही यात्री बैठेंगे
क्यू लाइन में यात्रियाें काे खड़ा किया गया। बैगेज स्कैनर के बाद चेकिंग काउंटर के पास खुद से यात्री काे बैग में टैग लगाने को कहा गया। टैग लगाने के बाद उसे वहीं छाेड़ दिया गया। जिनके पास हैंड बैग था वे साथ लेकर आगे बढ़े। एसएचए एरिया में यात्रियाें काे बेल्ट, माेबाइल, मेटल का सामान ट्रे में रखने के लिए कहा गया और उसे यात्री खुद स्कैनर में डाले। इस दाैरान बाेर्डिंग पास और आधार कार्ड जांची गई। फिर एक कैमरे के पास खड़ा कर दिया गया। उस कैमरे से उनके चेहरे का फाेटाे कईएंगल से लिया गया। ऐसी ही व्यवस्था महिला यात्रियों के लिए भी थी। उस चेकिंग के बाद फ्लाइट बाेर्डिंग एरिया में यात्रियों काे बैठने के लिए कहा गया। तीन चेयर पर केवल दाे यात्री बैठ सकते थे। बीच की सीट खाली थी।
विमान कंपनियों ने दिए फेश शील्ड, मास्क व सेनिटाइजर
एयरपाेर्ट के अंदर सारी दुकानें बंद थीं। एयराेब्रिज में प्रवेश से पहले विमान कंपनी यात्रियों काे फेश शील्ड, मास्क व 4 सेनिटाइजर के पाउच दे रही थी। दाे-दाे यात्री कर विमान में प्रवेश करने की इजाजत थी। विमान में जाने से पहले पानी की बाेतल लेनी थी।
100 की भीड़, पर एक-दूसरे से किसी यात्री ने नहीं की बातचीत
साेशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करते हुए यात्रियों काे इंट्री दी गई। सभी कतार में आगे बढ़ रहे थे। एक-दूसरे से बातचीत बिल्कुल नहीं कर रहे थे। मुंह पर मास्क था। सन्नाटा ऐसा कि यात्री केवल चल रहे थे, पर काेई आवाज सुनाई नहीं पड़ रही थी।
150 टैक्सी में सिर्फ 3 को ही मिले पैसेंजर
रांची | 62 दिन बाद रांची से हवाई सेवा शुरू होने से टैक्सी चालकों को उम्मीद थी कि अब जिंदगी पटरी पर आएगी। यही आस लिये सोमवार को एयरपोर्ट पर करीब 150 टैक्सी चालक पहुंचे। लेकिन, सिर्फ तीन टैक्सी को ही पैसेंजर मिले, बाकी स्टैंड में ही खड़ी रहीं। हालांकि एयरपोर्ट पर कई फ्लाइटें आईं-गईं, पर ज्यादातार पैसेंजरों ने निजी वाहनों का ही उपयोग किया। स्टैंड में खड़े चालकों ने कहा कि उन्होंने टैक्सी प्राइवेट फाइनेंस से लोन पर ली है। 3 महीनों से किसी ने भी ईएमआई नहीं दी है। अब कंपनियां पेनाल्टी भी लगा रही है। ईएमआई जमा करने का मैसेज भेजा है। चालकों ने सरकार से आग्रह किया है कि वैसे लोगों की मदद की जाए जिन्होंने प्राइवेट फाइनेंस से गाड़ी लोन पर ली है। पेनाल्टी पर रोक लगे।

रांची एयरपोर्ट पर यात्रियों के बैग को सेनिटाइज करता एयरपोर्टकर्मी।
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