कल्याण विभाग के 175 स्कूलों के 25000 बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह बंद

कोरोना ने कल्याण विभाग के 175 स्कूलों के करीब 25 हजार बच्चों की पढ़ाई बंद करा दी है। मार्च से सारे स्कूल बंद हैं। शुरू में जूम ऐप से पढ़ाने की कोशिश हुई, पर बच्चों के सुदूर गांवों में रहने के कारण नेटवर्क की समस्या से वह सफल नहीं हो पाई। अधिकतर बच्चों के यहां स्मार्ट फोन भी नहीं हैं और न ही वे खरीद पाने की स्थिति में हैं।

पढ़ाई बंद होने से कुछ बच्चे खेतों में मजदूरी कर रहे हैं, तो कुछ परिवार के दबाव में कमाने का अन्य रास्ता खोज लिए हैं। किताबें तो घर में हैं, पर घरवाले इतने सक्षम नहीं हैं कि वे हाईस्कूल के इन बच्चों को पढ़ा सकें। स्कूल खुलने की न तो कोई निश्चित तारीख है और न ही उम्मीद। बच्चों के अभिभावक समझ नहीं पा रहे हैं कि वे क्या करें। समझ तो विभागीय अधिकारी भी नहीं पा रहे हैं। अब दूसरे राज्यों के मॉडल की पड़ताल हो रही है कि वहां पर ऐसे बच्चों को कैसे पढ़ाया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री के आग्रह के बाद भी शिक्षकों ने गांव चले अभियान में नहीं ली दिलचस्पी

शिक्षा विभाग के स्कूलों में भी करीब 70% बच्चे पढ़ाई से अलग हो गए हैं। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने आग्रह किया था कि शिक्षक अपने-अपने स्कूल के क्षेत्र वाले गांवों में जाकर वहां के बच्चों को कम से कम 2 घंटे पढ़ाएं। लेकिन, शिक्षकों ने गांव चले अभियान में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

इस बार मैट्रिक का रिजल्ट 90 प्रतिशत से अधिक

मैट्रिक परीक्षा में कल्याण विभाग के स्कूलों का रिजल्ट 90 प्रतिशत से अधिक हुआ है। 21 स्कूलों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। 54 आवासीय उच्च विद्यालयों के 1660 बच्चे परीक्षा दिए थे, इनमें से 1500 से अधिक पास हुए। 70 % बच्चे फर्स्ट डिवीजन लाएं हैं। पिछड़ी जाति आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय जेल रोड रांची की भारती कुमारी ने 96.2 % अंक लाकर राज्य की नौवीं टॉपर बनी।

बच्चों की पढ़ाई छूट चुकी है : दशरथ

दशरथ मुंडा ने कहा-उनके बच्चों की पढ़ाई लगभग छूट चुकी है। उनके घर के दो बच्चे अनुसूचित जाति आवासीय उच्च विद्यालय बुंडू में आठवीं और नौवीं में पढ़ते हैं। कोरोना संक्रमण के कारण वे पिछले कई महीने से घर पर ही हैं। अभी तो खेती का समय है। ऐसे में वे खेत में हाथ बंटाते हैं।

शीघ्र करेंगे वैकल्पिक व्यवस्था : अमिताभ

कल्याण सचिव अमिताभ कौशल ने कहा-कोरोना काल में कुछ कारणों से इन बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में दूसरे राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर यह जानने का प्रयास हो रहा कि वहां व्यवस्था कैसी है। कौशल ने कहा कि वे शीघ्र ही एक वैकल्पिक व्यवस्था कायम करेंगे।



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Education of 25000 children of 175 schools of welfare department completely closed


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