आदिवासी छात्र संघ जिला समिति गुमला की चांडाली में हुई बैठक में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सरना स्थल से मिट्टी लेने पर विरोध जताया गया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भाजपा एवं कुछ दलाल आदिवासी नेताओं द्वारा सरना स्थल की मिट्टी खुदाई कर अयोध्या राम मंदिर के निर्माण में ले जाने को लेकर रोष प्रकट किया गया। इस मामले को लेकर आगे के आंदोलन पर रणनीति बनाई गई। जिला अध्यक्ष अशोक कुमार भगत ने कहा कि आदिवासी समाज हिन्दू धर्म नहीं मानता है। आदिवासियों का अपना धर्म सरना है, जो हिन्दू से बिलकुल अलग है।
विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भाजपा के आदिवासी दलाल नेताओं द्वारा लुके छिपे तरीके से आदिवासियों का पवित्र सरना स्थल से मिट्टी उठाकर अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए के लिए ले जाना बहुत ही गलत है। यह राजनीति से प्रेरित है। यह आदिवासियों को गुमराह करने की साजिश है। इस हरकत का आदिवासी छात्र संघ पुरजोर विरोध करती है। आगे विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल व भाजपा के आदिवासी दलाल नेताओं को हिदायत देते हुए फरमान जारी किया जाता है कि धर्म के दलालों को आदिवासी मोरा का मुगदड़ (बड़ी लाठी) से खदेड़ेंगे।
इन सभी तैयारियों के साथ आदिवासी छात्र संघ झारखंड के सभी मौजा, गांव व टोले के सरना धर्म के युवकों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्हें कहा गया है कि विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल व भाजपा के दलाल आदिवासी नेताओं के द्वारा सरना स्थल से मिट्टी का चोरी ना हो। अगर इसका प्रयास होता है तो उन्हें मोरा के मुगदड़ से खदेड़ा जाए। जिला संयोजक अनूप टोप्पो ने कहा की हिंदू और सरना धर्म दो दोनों का रहन सहन व रीति- रिवाज़ अलग-अलग है। मिट्टी का उठाव के लिए सरना स्थल को चुनाव किया जाना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। बैठक में मगोडे उरांव, बिमल उरांव, सुरेन्द्र मिंज, रंजीत उरांव, भानू लकड़ा, सुमित मिंज, रनथु उरांव, करम चंद उरांव, दीपक उरांव, लालू उरांव, दिलबर उरांव आदि उपस्थित थे।
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