फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में विभिन्न सीएचसी के चिकित्सकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. एनके रजक भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी का सामना करते हुए राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को सफल बनाना है। कार्यक्रम के दौरान शारीरिक दूरी के नियमों का अनुपालन कर कार्य करें। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत सीएचसी स्तर पर एएनएम, एमपीडब्ल्यू, आंगनबाड़ी सेविका व स्वास्थ्य सहिया को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह कार्यक्रम 10 से 20 अगस्त तक कार्यक्रम चलेगा। इसमें 10 से 12 अगस्त तक बूथ पर दवा खिलाया जाएगा जबकि 13 से 20 तक आंगनबाड़ी सेविका एवं स्वास्थ्य सहिया घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। मौके पर सीएचसी मझिआंव के चिकित्सा प्रभारी डॉ. कमलेश कुमार व जिला मलेरिया सलाहकार अरविंद कुमार द्विवेदी ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों,
गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर रूप से बीमार लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा नहीं देनी है।उन्होंने विस्तार से लोगों को बताया कि किस उम्र के बच्चे से लेकर किस उम्र के लोगों तक को यह दवा देनी है। प्रशिक्षक ने इस दौरान लोगों को सावधानी बरतने को भी कहा। मौके पर डीपीएम प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. गौतम यादव, डॉ. प्रशांत प्रमोद, डॉ. रामानुज प्रसाद, डॉ. विकास केसरी, डॉ. संजीत आनंद, डॉ. गोरखनाथ पांडेय आदि उपस्थित थे।
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