विजयादशमी के साथ ही सोमवार को राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में मां भवानी को विदाई दी गई। विभिन्न पूजा पंडालों और मंदिरों में स्थापित की गई मां की प्रतिमा का विसर्जन जलाशयों में किया गया। जिला प्रशासन और नगर निगम की निगरानी में पूजा समिति के सदस्यों ने बड़ा तालाब, चडरी तालाब, जेल तालाब सहित अन्य तालाबों में माता की प्रतिमा विसर्जित की गई।
अल्बर्ट एक्का चौक की स्थित दुर्गा बाड़ी में विसर्जन के लिए मां की प्रतिमा को कंधे पर उठाकर भक्त विसर्जन के लिए बढ़े। श्रद्धालुओं ने अबीर गुलाल उड़ाते हुए मां की प्रतिमा के जयकारों के साथ विसर्जन शोभायात्रा निकाली। चडरी तालाब पर पहुंचकर महिलाओं ने जमकर सिंदूर खेला। एक दूसरे की मांग को सिंदूर से भरा और गालों में लगाकर महिलाओं ने पति की दीर्घायु होने की कामना की। वहीं, रांची सहित पूरे संसार को कोरोना वायरस से मुक्त कराने की मिन्नतें माता रानी से की।
सिंदूर खेला में शामिल बंगाली समुदाय की महिलाओं ने कहा कि प्रत्येक वर्ष वे लोग दुर्गा पूजा में खूब मस्ती किया करते थे। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब कोरोनावायरस से यह पूजा काफी फीका रहा। उन्होंने बताया कि इस बार तालाब पर आकर पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही सिंदूर खेला की परंपरा का निर्वहन किया। देशप्रिय क्लब की ओर से भी निकाली गई विसर्जन शोभायात्रा में काफी महिलाएं शामिल हुई और उन्होंने भी सिंदूर खेला की परंपरा का निर्वहन किया।
इधर, विसर्जन शोभायात्रा के दौरान सरकार द्वारा जारी किए गए गाइडलाइन के अनुसार काफी कम संख्या में लोगों को शामिल होना था, लेकिन सभी तालाबों पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती रही। मां को विदाई के दौरान कोई भी इस पल से अछूता नहीं रहना चाहता था इसलिए काफी संख्या में लोग तालाबों तक पहुंचे और माता रानी को विदाई दी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3mlbpZO
Comments
Post a Comment