जमशेदपुर में मिट्टी में दबे मजदूर का शव ले जा रहे एंबुलेंस को परिजनों ने रोका, हंगामे के बाद हुआ समझौता
कदमा रामनगर आरोग्य भवन के पास खोदे गए गड्ढे में गिरकर मृत मजदूर का शव बुधवार तड़के साढ़े तीन बजे निकाला गया। रेस्क्यू टीम में शामिल टाटा स्टील की दमकल विभाग और मजदूरों द्वारा 10 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मिट्टी में दबे मजदूर का शव निकाला जा सका। शव को ले जाने वाली एंबुलेंस को परिवार के लोगों ने कार्रवाई व मुआवजा की मांग पर घटनास्थल के पास ही रोक लिया। एक घंटे तक हंगामा के बाद मुआवजा व कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया और शव को एमजीएम अस्पताल के शीतगृह भेजा गया।
मालूम हो कि 24 नवंबर की देर शाम को सीवरेज पाइप लाइन बिछाने के काम के दौरान मिट्टी धंसने से कार्यरत मजदूर जीवन 20 फीट गहराई में गिर गया। उसका शव पाइप में जाकर फंस गया और मिट्टी धंसने से वह दब गया। घटना के बाद 10 घंटे तक वहां हंगामा चला। शव पोस्टमाॅर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। इससे पहले सुबह कदमा थाना में जुस्को के अधिकारी और मृतक की पत्नी के बीच समझौता हुआ। इसमें परिवार को 4 लाख रुपए का चेक दिया गया। इएसआई में 15 लाख रुपए कंपनी जमा कराएगी। साथ ही जीवन सोना की पत्नी मुनी सोना को प्रतिमाह खाता में 15 हजार रुपए जमा (जब तक मृतक की उम्र 60 साल की होगी) यानि 13 साल तक किए जाएंगे। ठेका कंपनी के मालिक बुद्धदेव गिरी द्वारा मृतक के एक बेटा को नौकरी दी जाएगी।
इस त्रिपक्षीय वार्ता में जुस्को के कैंप्टन धनंजय मिश्रा, अरविंद सिंह, मेजर विक्की ठाकुर, मृतक की पत्नी मुनी सोना, बड़ा बेटा सुमीत सोना और छोटा बेटा विक्की सोना और भाजपा के कदमा मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह और कांग्रेस पार्टी के कुछ नेता भी मौजूद थे।
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