राज्य और केंद्र की आधी-आधी खर्च हिस्सेदारी से महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का होगा निर्माण

झारखंड सरकार राज्य के लिए अति महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के लिए आधा खर्च वहन करेगी। सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य और केंद्र की आधी आधी खर्च हिस्सेदारी पर रेल परियोजनाओं के निर्माण के लिए अपनी सहमति दे दी है। सीएम ने बुधवार को भविष्य में रेल परियोजनाओं के निर्माण और उन पर होनेवाले खर्च पर सुझाव देने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट पर यह मंजूरी प्रदान की है।

इसके बाद अब केंद्र और राज्य सरकार 50-50 प्रतिशत शेयरिंग खर्च के आधार पर रेल परियोजनाओं का निर्माण होगा। समिति ने राज्य के वैसे जिला मुख्यालयों, जहां अभी तक रेल कनेक्टिविटी नहीं है, उसे रेलवे नेटवर्क से कनेक्ट करने को लेकर भी सुझाव दिए हैं। महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को ज्वाइंट वेंचर बनाने की भी योजना है। राज्य के अंदर की रेल परियोजनाओं की पहचान, योजना और उसके विकास में जेआरआईडीसीएल के द्वारा एंकर रोल निभाने के संदर्भ में समिति ने प्रतिवेदन में विस्तृत सुझाव दिए हैं।

राज्य के सिमडेगा, चतरा और खूंटी समेत वैसे जिला मुख्यालय जो रेलवे कनेक्टिवटी से नहीं जुड़े हैं, उसे रेल नेटवर्क से जोड़ने को लेकर भी समिति के प्रतिवेदन में सुझाव हैं। साथ ही राज्य के दूरस्थ इलाकों में रेल कनेक्टिविटी के लिए ली जाने वाली योजनाओं में राज्य सरकार की हिस्सेदारी कम होगी, लेकिन ऐसे दूरस्थ इलाकों की पहचान में जेआरआईडीसीएल भूमिका निभाएगा।

रेल परियोजनाओं का निर्माण ज्वाइंट वेंचर मॉडल पर होगा : वैसी रेल परियोजनाएं जो वित्तीय दृष्टिकोण से लाभदायक नहीं हैं, लेकिन राज्य में क्रिटिकल कनेक्टिवटी, कैपेसिटी बढ़ाने और सामाजिक आर्थिक विकास के लिहाज से जरूरी है, उसे ज्वाइंट वेंचर के डेट इक्विटी कॉन्सेप्ट पर लिया जाएगा। ऐसी रेल परियोजनाओं के खर्च को लेकर राशि वाह्य स्रोतों, प्राइवेट-गवर्नेंट स्टेकहोल्डर्स और लोन के जरिए जुटाई जाएगी।

राज्य की परियोजनाओं में जेआरआईडीसीएल एंकर की भूमिका में होगा: राज्य की जरूरतों को देखते हुए रेल परियोजनाओं की पहचान, योजना बनाने और उसके विकास में राज्य की ज्वाइंट वेंचर- जेआरआईडीसीएल (राज्य सरकार और रेल मंत्रालय) एंकर रोल निभाएगा। ऐसी रेल परियोजनाओं के लिए बनाए जाने वाले ज्वाइंट वेंचर में राज्य सरकार और रेल मंत्रालय की हिस्सेदारी 51:49 के अनुपात में होगी। इन रेल परियोजनाओं का वित्त वहन डेट इक्विटी के आधार पर होगा।

सुझाव देने वाली विकास आयुक्त समिति में ये हैं सदस्य: विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति में योजना एवं वित्त विभाग के सचिव, राजस्व, निबंधन और भूमि सुधार विभाग के सचिव, पथ निर्माण विभाग के सचिव और परिवहन विभाग के सचिव सदस्य हैं। इस समिति ने झारखंड के लिहाज से महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं, राज्य में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने तथा उस पर होनेवाले खर्चे को लेकर अपने सुझाव को प्रतिवेदन के रूप में राज्य सरकार को सौंपा है।



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Important rail projects will be constructed with half of the expenditure share of state and center


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